परिपत्र/शासनादेश

   

 

विधान मण्डल सत्र के दौरान जारी होने वाले विभिन्न परिपत्र/शासनादेश
  1. विभिन्न विभागों से सम्बन्धित सभा/ विधान परिषद् के लम्बित आश्‍वासनों के सम्बन्ध में।

  2. विधान सभा/विधान परिषद में पूछे जाने वाले प्रश्‍नों के लिखित उत्तर की प्रतियाँ प्रश्‍न के लिए निर्धारित तिथि से न्यूनतम 48 घण्टे पूर्व विधान सभा/विधान परिषद सचिवालय को उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।

  3. समस्त मा० मंत्रि-गण की सत्र के दौरान उपवेशन के दिनों में सदन में उपस्थित सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में।

  4. विधान मण्डल सत्र के मध्य विभिन्न विषयों यथा विधेयक, प्रस्ताव, संकल्प, वक्तव्य आदि विषयों पर विधान सभा/विधान परिषद में चर्चा के लिए निर्धारित तिथि/समय पर विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में।

  5. उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम 105, 110, 111 के अन्तर्गत विधान परिषद में मा० सदस्यों द्वारा दी गयी सूचनाओं के सम्बन्ध में।

  6. समस्त सचिव/सचिव अथवा विशेष सचिव माननीय संसदीय कार्य मंत्री जी एवं नेता सदन विधान परिषद के कार्यालय में अपेक्षित सूचनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत टिप्पणी, वक्तव्य, सूचनायें और प्रकरण से सम्बन्धित वांछित जानकारियाँ उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक दिन 9-30 बजे प्रात: काल कार्यालय में जाकर माननीय संसदीय कार्य मंत्री जी एवं मा० मंत्री जी को ब्रीफ करने के सम्बन्ध में।

  7. सत्र के दौरान प्रतिदिन दोनों सदनों में कार्य स्थगन, औचित्य के प्रश्न आदि से सम्बन्धित सूचनायें प्राप्त करने के लिए न्यूनतमक अनु सचिव स्तर के एक अधिकारी को नामित करने के सम्बन्ध में।

  8. समस्त सांविधिक (स्टेट्यूटरी)  नियम, विनियम, अधिसूचनायें, आदेश, प्रतिवेदन आदि, जिनका संविधानिक अथवा विधिक उपबन्धों के अनुसार राज्य विधान मण्डल के सदनों के समक्ष रखवाये जाने आवश्यक हो के सम्बन्ध में।

  9. सत्र के दौरान प्रश्‍नकाल एवं शून्य प्रहर में विभागों के अधिकारियों की सदन में उपस्थिति के सम्बन्ध में।

  10. विभिन्न नियमों के अन्तर्गत कार्य स्थगन, औचित्य के प्रश्‍न आदि से सम्बन्धित सूचनाओं को प्राप्त कर उनके सम्बन्ध में विभागीय टिप्पणी/उत्तर तैयार कर उसी दिन, 11-45 बजे तक मा० संसदीय कार्य मंत्री जी/मा० नेता सदन, विधान परिषद तथा संसदीय कार्य विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराने हेतु नोडल अधिकारी नामित करने के सम्बन्ध में।

  11. विधान मण्डल सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्‍नों के पूर्ण उत्तर समय से उपलब्ध कराया जाना।

  12. वित्तीय वर्ष के आय-व्ययक का बजट साहित्य सदन में प्रस्तुतिकरण से पूर्व विधान मण्डल सदस्यों को उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।

  13. संसद/राज्य विधान मण्डल सत्र की अवधि में मण्डल/जिला स्तर पर गठित समस्त समितियों (जिनमें राज्य विधान मण्डल/ संसद के मा० सदस्य, सदस्य के रूप में संबंधित हों) की बैठके आयोजित न किया जाना।

  14. विधान सभा के नियम-301/विधान परिषद के नियम-115 के अन्तर्गत मा० सदस्यों द्वारा दी गयी सूचनाओं के उत्तर समय सीमा के अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा प्रेषित किया जाना।

  15. जनप्रतिनिधियों से सम्बंधित शिष्टाचार सम्बन्धी शासनादेशों के संकल्न का प्रकाशन।