कार्य का विवरण

   


 

संसदीय कार्य अनुभाग-1 द्वारा व्यवहृत किये जाने वाले कार्य
  1. संसदीय कार्यों से सम्बन्धित संवैधानिक मामले।

  2. विधान मण्डल के दोनो सदनों के लिए:-

    1. विधायी तथा अन्य सरकारी कार्यों का संकलन, नियोजन तथा समन्वय।
    2. बैठकों का कार्यक्रम तैयार करना, अधिवेशन आहूत करना तथा सत्रावसान करना।
    3. प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली में संशोधन।
    4. नियमावलियों, विज्ञप्तियों आदि को प्रस्तुत करना।
    5. प्रश्‍नोत्तर का वार निर्धारित करना।
    6. विधान मण्डल में प्रस्तुत संकल्प तथा तत्सम्बंधी सूचनायें।
     

  3. राज्यपाल का अभिभाषण।

  4. (क) विधान मण्डल के सदस्यों की अनर्हता निवारण संबंधी अधिनियम तथा प्रतिवेदनों का परीक्षण और लाभ के पदों से सम्बन्धित निर्देश।
    (ख) लाभप्रद, विषयक पदों के सम्बन्ध में लोकसभा की संयुक्त समिति प्रतिवेदनों का परीक्षण (संसदीय-2 को आवंटित)।

  5. राज्य विधान सभा और राज्य विधान परिषद के सचिवालयों का अधिष्ठान।

  6. राज्य विधान मण्डल के सदस्यों से सम्बन्धित सभी विषय।

  7. विभिन्न स्थायी समितियों द्वारा की गई सिफारिशों तथा लिये गये निर्णयों का संग्रहण और उनके सम्बन्ध में अर्धवार्षिक रिपोर्ट तैयार करना और मंत्रि-परिषद को प्रसतुत करना।

  8. प्रतिनिधानित विधायी समिति की रिपोर्टों पर की गई कार्यवाही से सम्बन्धित सूचना का संग्रहण।

  9. विभिन्न संस्थाओं के लिए विधान मण्डल के सदस्यों का निर्वाचन।

  10. विभिन्न समितियों में विधायकों की सदस्यता से सम्बन्धित सूचनायें एवं इस सम्बन्ध में सचिवालय के अनुभागों को परामर्श।

  11. उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के सदस्यों तथा अधिकारियों से सम्बन्धित अधिनियम तथा नियम तथा अन्य मामले।

  12. असरकारी संकल्पों एवं विधेयकों पर शासन का दृष्टिकोण निर्धारित करने।

  13. विधान मण्डल को निम्नलिखित समितियों के प्रतिवेदनों का परीक्षण एवं कार्यान्वयन-
    1. अश्‍वासन समिति,
    2. संसदीय अध्ययन समिति,
    3. याचिका समिति।

  14. विधान मण्डल के सदनों में मंत्रियों द्वारा दिये गये आश्‍वासनों का समन्वय तथा उनका अनुश्रवण।

  15. विद्यालयों में कल्पित संसद प्रतियोगिता का आयोजन।

  16. विधान मण्डल के सदनों में पुन:स्थापित एवं पारित विधेयकों के अंग्रेजी प्रतियों के मुद्रण के समय उनकी सत्यता सुनिश्चित करना।

  17. विधान मण्डल की समितियों से प्राप्त सूचनाओं का कार्यान्वयन और उससे सम्बन्धित कार्य।

  18. संसदीय कार्य व विधायी अनुभागों के मध्य समन्वयात्मक कार्य।

  19. विधान मण्डल के सदस्यों/भूतपूर्व सदस्यों को वाहन/भवन निर्माण अग्रिम स्वीकृत करना।

संसदीय कार्य अनुभाग-2 द्वारा व्यवहृत किये जाने वाले कार्य-

  1. उत्तर प्रदेश विधान मण्डल तथा संसद के सदस्यों को सरकारी प्रकाशनों/मैनुअलों, वार्षिक रिपोर्टों तथा प्रतिवेदनों की संपूर्ति।

  2. विभिन्न विभागों की स्थायी समितियों के गठन, प्रक्रिया इत्यादि से सम्बन्धित नियमावली।

  3. पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की सिफारिशें।

  4. अखिल भारतीय सचेतक सम्मेलन व उसकी संस्तुतियां।

  5. उत्तर प्रदेश विधान सभा तथा अन्य प्रदेशों के विधान सभा के अध्यक्ष की व्यवस्था को संहूत करना।

  6. उत्तर प्रदेश विधान सभा में नियम-301 के अन्तर्गत ग्राह्य सूचनाओं से सम्बन्धित कार्य।

  7. उत्तर प्रदेश विधान परिषद के नियम - 115 के अन्तर्गत सूचनाओं से सम्बन्धित कार्य।